उत्तराखंड को विकास की बड़ी सौगात: सीएम धामी ने 676 करोड़ रुपये की योजनाओं को दी मंजूरी, शहरों से गांव तक तेज होंगे विकास कार्य

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देहरादून। उत्तराखंड में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित से जुड़ी योजनाओं को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 676 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस बड़ी मंजूरी से प्रदेश में शहरी विकास, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सोलर लाइट, उच्च शिक्षा और जिला पंचायतों से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय निकायों की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और आम जनता को बेहतर नागरिक सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 200 सोलर लाइटें लगाने हेतु 35 लाख रुपये मंजूर किए हैं। वहीं नगर पंचायत चमियाला में सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम और एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के लिए 3.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। राजधानी देहरादून में भी सड़क प्रकाश व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। घंटाघर से बुद्धा चौक, दर्शनलाल चौक से प्रिंस चौक, प्रिंस चौक से सहारनपुर चौक, बल्लूपुर चौक, सूचना अधिकार भवन से पुलिया संख्या-6 तथा रिंग रोड तपोवन चौक से लाडपुर चर्च तक सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम और एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के लिए 1.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम देहरादून में अन्य एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं सीसीएमएस पैनल के लिए 3.93 करोड़ रुपये, जबकि पिथौरागढ़ नगर निगम में इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित करने के लिए 1.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने नैनीताल जिले की कृष्णापुर पेयजल योजना हेतु 2.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े निवेश का निर्णय लिया है। कुमाऊं मंडल में 33 एवं 11 केवी विद्युत उपकेंद्रों, उनसे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइनों और फीडरों के निर्माण की पांच योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि में से पहले चरण में 2 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है। वहीं यूजेवीएनएल की तीन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृत 35 करोड़ रुपये में से 23.10 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी करने का अनुमोदन भी दिया गया है। सबसे बड़ी स्वीकृतियों में केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत प्रस्तावित 33 एवं 11 केवी विद्युत उपकेंद्र और संबंधित विद्युत लाइनों के निर्माण के लिए 212.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे केदारनाथ धाम में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाई जाएगी। शिक्षा क्षेत्र को भी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में विज्ञान संकाय के स्नातकोत्तर भवन के निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई है, जिससे उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर प्रदेश की सभी जिला पंचायतों के लिए 82.21 करोड़ रुपये तथा सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए 325.03 करोड़ रुपये की द्वितीय त्रैमासिक किश्त जारी करने का भी अनुमोदन दिया है। सरकार का कहना है कि इन स्वीकृतियों से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी, स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और सड़क, रोशनी, पेयजल, बिजली तथा शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। यह निर्णय राज्य के संतुलित और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।