खूंटी बिजली करंट हादसा: छह घायल बच्चों में से कुछ की हालत नाजुक, डॉक्टर जुटे इलाज में

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रांची। झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। तोरपा थाना क्षेत्र में सोमवार को खेल-खेल में हुए एक भयानक हादसे में सरकारी स्कूल के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य बच्चे बिजली के करंट से बुरी तरह झुलस गए। यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब बच्चे एक खड़े हुए रथ के साथ खेल रहे थे और वह अचानक 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद से पूरे तोरपा क्षेत्र और मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।

जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना तोरपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत निधिवन रेस्टोरेंट के समीप हुई। वहाँ सड़क किनारे एक बड़ा रथ खड़ा था। स्कूल से छुट्टी होने के बाद या खेल के दौरान कुछ स्थानीय स्कूली बच्चे वहां जमा हो गए और खेल-खेल में उस भारी-भरकम रथ को पीछे से धक्का देने लगे। बच्चे इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि ऊपर से मौत का जाल बिछा हुआ है। जैसे ही बच्चों ने रथ को आगे बढ़ाया, रथ का ऊपरी हिस्सा आसमान से गुजर रहे 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार से छू गया। तार स्पर्श होते ही पूरे लोहे के रथ में पल भर में भयंकर करंट दौड़ गया। करंट लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और रथ को छू रहे सभी आठ बच्चे गंभीर रूप से झुलस कर जमीन पर गिर पड़े। जोरदार धमाके और बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत तत्परता दिखाते हुए मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने भारी सूझबूझ से बच्चों को वहां से निकाला और बिना समय गंवाए सभी आठों झुलसे बच्चों को तत्काल नजदीकी स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद, बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद उरांव ने दोनों बच्चों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। वहीं, शेष छह घायल बच्चों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की भयावहता की सूचना मिलते ही तोरपा के पुलिस उपाधीक्षक, स्थानीय थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायल बच्चों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस हृदयविदारक हादसे ने स्थानीय बिजली विभाग की लापरवाही और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है, लेकिन इस अचानक आई विपदा से पूरा क्षेत्र स्तब्ध और शोक संतप्त है।